ग्रेटर नोएडा के अस्तौली में डंपिंग ग्राउंड के विरोध में किसानों का प्रदर्शन कचरा निस्तारण केंद्र हटाने की उठी मांग |
Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

ग्रेटर नोएडा के अस्तौली गांव में प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड और कचरा निस्तारण केंद्र को लेकर किसानों और ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को बड़ी संख्या में किसानों और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने एकत्र होकर कचरा निस्तारण केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रशासन से परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा और नोएडा प्राधिकरण द्वारा कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए अस्तौली क्षेत्र में करीब 54 हेक्टेयर (134 एकड़) भूमि अधिग्रहित की गई है, जहां लैंडफिल साइट, बायो-सीएनजी प्लांट और अन्य कचरा प्रबंधन इकाइयों को विकसित करने की योजना है। किसानों का आरोप है कि इस परियोजना से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा, जहरीली गैस और दुर्गंध से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होगा तथा खेती-किसानी को भी भारी नुकसान पहुंचेगा।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि अस्तौली सहित आसपास के गांवों की आबादी और कृषि भूमि इस परियोजना से सीधे प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में राकेश प्रधान, रानी फतेहपुर, खजान पंडित, सुभाष (हिरनौती), बिराजमणि (सादकपुर), पंकज रोजा, प्रमोद प्रधान (बाजारपुर), विजेंद्र प्रधान (बंजरपुर), निरंजन मास्टर, महेंद्र सिंह, वेदपाल, अजय पाल लंबरदार, विजय पहलवान, विनोद प्रधान, सत्यपाल आर्य, पूर्ण मल महाशय, सूरज भाटी, कृष्ण देवी राम, गजेंद्र मास्टर, धनपाल, राजवीर, बलराज प्रधान सहित विभिन्न गांवों के किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अस्तौली में प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड और कचरा निस्तारण केंद्र की योजना को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
किसानों का साफ कहना है कि “खेती और गांव बचाओ” की लड़ाई जारी रहेगी और डंपिंग ग्राउंड हटाने तक उनका आंदोलन नहीं रुकेगा।




