ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के उकसावे से जन आक्रोश में बदली खेल मैदान बचाओ मुहिम।
Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 37 स्थित जोनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के वर्तमान स्वरूप को बदलकर हॉकी स्टेडियम बनाने की योजना पर उभरा युवाओं, स्थानीय सैक्टर व क्षेत्रवासियों का विरोध अब उग्र आक्रोश में बदलता नज़र आ रहा है। ये खेल मैदान वर्तमान में शहर के एकमात्र निःशुल्क सेना-पुलिस शारीरिक परीक्षा तैयारी केंद्र व मल्टी स्पोर्ट्स ग्राउंड के रूप में जाना जाता है। 7 जून को प्राधिकरण व जेवर विधायक द्वारा इसे बंद करके केवलं हॉकी स्टडियम बनाने के लिए उद्धघाटन किया गया। इसके बाद से स्थानीय सैक्टरो व गाँवों के निवासियों ने इसका विरोध किया और अपने जनप्रतिनिधियों से शिकायत की थीं, दादरी विधायक श्री तेजपाल नागर, एमएलसी श्री नरेंद्र भाटी व राज्यसभा साँसद सुरेंद्र नागर व उत्तरप्रदेश सरकार के घटक दल से श्री वीरेंद्र डाढ़ा ने जनता की अपील पर इस मुहिम के पक्ष में प्राधिकरण को पत्र लिख अपना समर्थन दिया था और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कार्यकारी अधिकारी से फोन के माध्यम से वार्ता कर क्षेत्रवासियों के विरोध को देखते हुए यथास्थिति बनायें रखने के लिए कहा था, खेल मैदान बचाओ समिति से मुकेश बिधूड़ी व सरदार दलजीत सिंह ने बताया कि हमने जनप्रतिनिधियों के द्वारा मुहिम के समर्थन में लिखे पत्र प्राधिकरण CEO को व्यक्तिगत रूप में सौपे थे और निवेदन किया जिसपर उन्होंने इस योजना पर विस्तृत जानकारी जुटाकर विचार करने व अभी निर्माण न कराने का आश्वासन दिया लेकिन पिछले 1 सप्ताह में 3 बार प्राधिकरण द्वारा ठेकेदार को भेजकर निर्माण कार्य के लिए मार्किंग व JCB से नींव खुदवाने के लिए टीम भेजी जा रही है जिससे युवाओं युवाओं में आक्रोश फैल गया है, रविवार 12 जुलाई को ग्राउंड में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए और प्राधिकरण के खिलाप आक्रोश व्यक्त किया और इस प्रकार की उकसावे की कार्यवाही पर प्राधिकरण को कड़े विरोध की चेतावनी दी।
समिति से इंद्राज सिंह व रितेश भाटी ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं ओर स्थानीय सेक्टरों के निवासियों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को बर्दाश्त नही किया जाएगा।समिति सदस्य सतेंद्र नागर का आरोप है कि ये ऐस्ट्रो टर्फ GBU में पहले से मौजूद हॉकी ग्राउंड में बिछाई जानी थी जिसका हॉकी संघ ने बहाना बनाकर विरोध किया क्योकि GBU परिषर में ग्राउंड पर उनका कब्जा नही हो पाता इसलिये शहर के बीच स्थित ज़ोनल स्पोर्ट्स ग्राउंड को हॉकी मैदान के नाम पर कब्जाने के लिए प्राधिकरण व प्रदेश सरकार को झाँसे में लेकर सरकार की इमेज को भी धूमिल किया जा रहा है इस योजना की विस्तृत जाँच होनी चाहिए और GBU के हॉकी मैदान में ये निर्माण होना चाहिए और शहर के बीच स्थित एकमात्र निःशुल्क व मल्टी स्पोर्ट्स ग्राउंड में खेल व जनसुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए, जेवर विधायक प्रतिनिधि से सम्पर्क करके उन्होंने इस जनविरोधी योजना व चंद पूंजीपतियों के स्वार्थ की पौल खोलने का दावा करते हुए कहा कि GBU की वेबसाइट पर हॉकी ग्राउंड व टर्फ के बारे में स्पष्ठ रूप से लिखा हुआ है।




