भगवान शिव अनादि और अनंत हैं: आचार्य मनीष देव
Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

ग्रेटर नोएडा। श्रावण मास के अंतिम चतुर्थ सोमवार के अवसर पर खेरली हाफीजपुर स्थित एमडी गार्डन में मानवी योग ट्रस्ट के संचालनकर्ता महाराज आचार्य मनीष देव के सानिध्य में शिव कथा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन वीरेंद्र भाटी, ज्ञानेंद्र भाटी, बृजेश भाटी, होते लाल भाटी, अमित भाटी, अशोक भाटी, सुमित भाटी, मुकेश चौधरी और हरेंद्र भाटी ने किया।
शिव कथा के दौरान आचार्य मनीष देव ने श्रद्धालुओं और महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान शिव अनादि और अनंत हैं। वे स्वयंभू हैं और उनका न कोई आदि है, न अंत।
उन्होंने भगवान शिव से जुड़ी विभिन्न पौराणिक कथाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर हुए विवाद के दौरान भगवान शिव ने विशाल अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट होकर दोनों के अहंकार को शांत किया।
आचार्य ने सती के त्याग, पार्वती के रूप में उनके पुनर्जन्म और भगवान शिव से विवाह की कथा भी सुनाई। उन्होंने बताया कि राजा भगीरथ के अनुरोध पर भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी पर उसके वेग को नियंत्रित किया।
समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को भगवान शिव द्वारा ग्रहण करने की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि विष को कंठ में रोकने के कारण भगवान शिव नीलकंठ कहलाए। वहीं, समाधि में बाधा डालने पर कामदेव के दहन की कथा का भी वर्णन किया।
आचार्य मनीष देव ने कहा कि बिना आमंत्रण किसी आयोजन में उपस्थित होना अर्थपूर्ण नहीं होता, क्योंकि बिना बुलाए व्यक्ति को उचित सम्मान नहीं मिल पाता।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य रेखा चौधरी, श्रीमती चंद्रावती, धर्मावती देवी, बलेश भाटी, ब्रह्मा देवी सहित सैकड़ों महिलाएं और श्रद्धालु मौजूद रहे।




