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गीता फोगाट ने छात्रों को दिया अनुशासन और दृढ़ संकल्प का संदेश

Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026: आधुनिक पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित एवं कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता पहलवान गीता फोगाट ने छात्रों के साथ एक प्रेरणादायक संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने कुश्ती सफर, संघर्ष, मेहनत और सफलता के पीछे छिपे अनुशासन के बारे में छात्रों से खुलकर बातचीत की।

गीता फोगाट के स्कूल के सभागार में पहुंचते ही छात्रों ने जोरदार तालियों और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। ‘धाकड़’ गीत की धुन के बीच उनका मंच पर पहुंचना छात्रों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा।

संवाद के दौरान गीता फोगाट ने कहा कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती। इसके लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहने का साहस जरूरी है। उन्होंने छात्रों को असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेने और अपने लक्ष्य पर लगातार ध्यान केंद्रित रखने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियां और असफलताएं व्यक्ति को मजबूत बनाने का काम करती हैं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत जारी रखी जाए तो कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल की जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को गीता फोगाट से सीधे संवाद करने और उनके कुश्ती करियर से जुड़े अनुभव जानने का अवसर भी मिला। कम उम्र में कुश्ती शुरू करने से लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने तक का उनका सफर छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

इस अवसर पर आधुनिक पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग की प्रधानाचार्या डॉ. अलका कपूर ने कहा कि गीता फोगाट का जीवन अनुशासन, दृढ़ता और साहस की मिसाल है। उनकी यात्रा यह बताती है कि चुनौतियों को अवसर में बदलकर निरंतर प्रयास के जरिए उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।

कार्यक्रम के समापन पर छात्रों ने गीता फोगाट के प्रेरणादायक अनुभवों से यह संदेश लिया कि सफलता एक लंबी प्रक्रिया है। रास्ते में आने वाली असफलताएं और चुनौतियां उसी यात्रा का हिस्सा हैं, जबकि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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