जंतर-मंतर से संसद तक छात्रों का मार्च: परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के खिलाफ उबाल, संसद परिसर तक पहुंचा विरोध
Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

राजधानी दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने उस समय बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया, जब बड़ी संख्या में युवा जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर कूच करने निकल पड़े। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए छात्रों और युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई, दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च शुरू किया। सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से ही संसद क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए थे। कई स्तरों की बैरिकेडिंग, भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी ताकि प्रदर्शनकारियों को संसद परिसर तक पहुंचने से रोका जा सके।
जैसे-जैसे छात्र आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। कई प्रदर्शनकारी घायल होने की खबरें सामने आईं, जबकि कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
बताया गया कि भारी सुरक्षा व्यवस्था और मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी संसद भवन के काफी करीब तक पहुंच गए। एहतियात के तौर पर संसद भवन के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का असर संसद की कार्यवाही पर भी देखने को मिला, जहां दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षाएं निष्पक्ष नहीं होंगी तो युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा खत्म हो जाएगा। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई।
इस बीच विपक्ष ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि लाखों छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
वहीं, सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी को भी संसद की सुरक्षा व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और आवश्यक कदम उठाकर हालात को नियंत्रित किया गया।
छात्र संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। फिलहाल पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा प्रणाली, युवाओं के भविष्य और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।




