दादरी तहसील में किसानों ने सौंपा ज्ञापन, सरकारी जमीनों पर कब्जों की जांच की मांग
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दादरी। भारतीय किसान यूनियन मंच के पदाधिकारियों और किसानों ने सोमवार को दादरी तहसील पहुंचकर एसडीएम दादरी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लुहारली टोल सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए सरकारी जमीनों पर कथित अवैध कब्जों की उच्चस्तरीय जांच कराने और उन्हें मुक्त कराने की मांग की गई।
राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद भूमाफिया द्वारा सरकारी जमीनों पर कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद जिले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका कहना था कि ग्राम पंचायतों के समाप्त होने के बाद गांवों में सरकारी भूमि की स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है।
उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के जिन गांवों की भूमि का अधिग्रहण नहीं हुआ है, वहां कुछ किसानों की सहमति के आधार पर भूमि लिए जाने के बावजूद विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। साथ ही एलएमसी समेत अन्य सरकारी जमीनों का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी भूमि, सड़क, भवन और रेलवे संपत्तियों पर अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि श्यौराजपुर, खोदना कला, तिलपता, खेड़ी, भनौता, सुनपुरा, डेरीन स्कैनर, डेरी मच्छा, बैदपुर, जानसिवाना, कैलाशपुर और रूपवास सहित करीब 10 से 15 गांवों में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की स्थिति बनी हुई है। किसानों ने मांग की कि विशेष रूप से खोदना कला, तिलपता, खेड़ी, भनौता और सुनपुरा गांवों की सरकारी जमीनों की उच्चस्तरीय जांच कराकर उन्हें कब्जामुक्त कराया जाए।
किसान नेताओं का आरोप है कि राजस्व विभाग के स्तर पर सही जांच नहीं की जा रही है। इसलिए किसी वरिष्ठ तहसीली अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन मंच और ग्रामीण आंदोलन व धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
इस दौरान राजवीर प्रधान, सुनील भाटी, अक्षय मुखिया, कृष्ण भड़ाना, विक्रांत भाटी, प्रिंस भाटी, हाजी निजाम, अमित प्रधान, अजब सिंह भाटी, विकास रूपवास, अब्दुल कादिर, दानिश खान, सागर नंबरदार, अनुज भनौता, सतीश प्रधान, डॉ. मोहसिन, वंश यादव, अन्नू सरपंच, रोबिन जाटव, विशाल ठाकुर, नितिश कसाना, मनीष नागर, मनोज प्रधान समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।




