तिलपता जलभराव, सेक्टर-37 खेल मैदान और एयरपोर्ट प्रभावित किसानों के रोजगार का मुद्दा गरमाया, अधिवक्ताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध नगर में किसानों, ग्रामीणों और युवाओं से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर अब अधिवक्ताओं ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अल्फा-1 स्थित प्रेस क्लब ऑफ भारत में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं अधिवक्ता उमेश भाटी ने तिलपता गांव में जलभराव, सेक्टर-37 के खेल मैदान और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों के युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर प्राधिकरणों और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए।
अधिवक्ता उमेश भाटी ने कहा कि तिलपता गांव के लोग लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान हैं। बारिश के दौरान गांव और आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को आवागमन समेत कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि बार-बार समस्या उठाए जाने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं, सेक्टर-37 के खेल मैदान का मुद्दा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि खेल मैदान क्षेत्र के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मैदान से जुड़ी किसी भी योजना से बड़ी संख्या में खेल गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि युवाओं के खेल और भविष्य को ध्यान में रखते हुए खेल मैदान को सुरक्षित रखा जाए।
इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों के युवाओं को रोजगार देने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि जिन किसानों की जमीन एयरपोर्ट परियोजना के लिए गई है, उनके परिवारों के युवाओं को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि विकास परियोजनाओं का लाभ स्थानीय प्रभावित परिवारों तक भी पहुंचना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अधिवक्ताओं ने संबंधित प्राधिकरणों और जनप्रतिनिधियों से इन तीनों मुद्दों पर तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसान, ग्रामीण, युवा और क्षेत्रवासियों को साथ लेकर बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
अधिवक्ताओं का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के अधिकारों और स्थानीय समस्याओं के समाधान की लड़ाई है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों को लेकर आंदोलन और तेज होने के संकेत दिए गए हैं।




