सड़क हादसे ने बदली एक गरीब परिवार की जिंदगी 7 लाख के कर्ज तले दबा परिवार आज भी कर रहा संघर्ष
Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

बुलंदशहर। ग्राम जवासा निवासी धर्मवीर सिंह के पुत्र कैलाश लोधी एक मेहनतकश किसान एवं मजदूर परिवार से संबंध रखते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कैलाश लोधी अपने परिवार के साथ ग्रेटर नोएडा के कासना क्षेत्र में रहकर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।

दिनांक 10 फरवरी 2022 को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान गांव से वोट डालने के लिए बुलावा आने पर कैलाश अपनी पत्नी सविता और बेटी रुचिका के साथ बाइक से गांव जा रहे थे। रास्ते में थाना औरंगाबाद क्षेत्र के ग्राम परवाना-जनोरा गेट के निकट उनकी बाइक को एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। बताया जाता है कि ट्रैक्टर के ब्रेक सही न होने के कारण यह भीषण दुर्घटना हुई।

हादसा इतना गंभीर था कि कैलाश लोधी सहित उनकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र के कई गांवों में शोक और चिंता का माहौल बन गया। राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पहले औरंगाबाद, फिर बुलंदशहर और बाद में मेरठ के अस्पतालों में उपचार कराया गया, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।

परिवार की सलाह पर घायलों को ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां न्यूरो सर्जन डॉ. विकास भारद्वाज की देखरेख में इलाज शुरू हुआ। लंबे उपचार और कई जटिल ऑपरेशनों के बाद कैलाश, उनकी पत्नी सविता और बेटी रुचिका की हालत में सुधार आया और वे धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगे।

हालांकि इस पूरे इलाज में परिवार की जमा पूंजी समाप्त हो गई। अस्पताल से लेकर दवाइयों और अन्य खर्चों तक लगभग 7 लाख रुपये खर्च हो गए। मजबूरी में परिवार के चाचा और ताऊजी ने कर्ज लेकर इलाज का खर्च उठाया। आज भी यह परिवा





