उत्तर प्रदेशग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में हड़ताल का तीसरा दिन मरीज बेहाल ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप |

Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

जिम्स अस्पताल में कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच टकराव गहराता जा रहा है। हड़ताल का आज तीसरा दिन है और इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के चलते ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे इलाज के लिए आने वाले सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने पिछले 10 से 12 वर्षों से जिम्स अस्पताल में अपनी सेवाएं दी हैं। कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की, लेकिन आज तक उन्हें स्थायी नहीं किया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और अब उनकी जगह नई भर्तियां करने की तैयारी की जा रही है, जिससे उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि उन्हें नौकरी से हटाया गया तो उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा। यही वजह है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नई न्यूनतम मजदूरी के अनुसार वेतन, समय पर वेतन भुगतान और स्थायी नियुक्ति शामिल है।

हालांकि हड़ताल के बीच कर्मचारियों ने मानवता का परिचय देते हुए आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं को जारी रखा है, ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन लगातार कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है।

 

अस्पताल के निदेशक डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश गुप्ता ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर कार्य पर लौटने की अपील की है, लेकिन अब तक हुई बैठकों में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित और संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

इस पूरे विवाद के बीच सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों और उनके परिजनों को झेलनी पड़ रही है। ओपीडी सेवाएं बंद होने से दूर-दराज से इलाज कराने आए लोगों को बिना उपचार के वापस लौटना पड़ रहा है।

 

अब कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से हस्तक्षेप की मांग की है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और अस्पताल प्रशासन इस विवाद का समाधान कब तक निकाल पाते हैं। फिलहाल जिम्स अस्पताल में गतिरोध बना हुआ है और कर्मचारियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है।

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