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CITU का 56वां स्थापना दिवस नोएडा में धूमधाम से मनाया गया श्रमिक अधिकारों की हिफाजत के लिए अभियान की घोषणा

पुष्पेंद्र कुमार संपादक गौतम बुद्ध नगर यूपी

नोएडा। भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (CITU) का 56वां स्थापना दिवस आज सीटू जिला कार्यालय, सेक्टर-8 नोएडा पर क्रांतिकारी नारों और लाल झंडे के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व जिलाध्यक्ष कामरेड नरेंद्र पांडे द्वारा झंडा रोहण से हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मजदूर, महिला कामगार और युवा साथी उपस्थित रहे।

 

सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने सभी मेहनतकश भाई-बहनों को 56वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 30 मई 1970 को कोलकाता में समझौतावादी नीतियों के खिलाफ CITU की नींव रखी गई थी। 56 साल के संघर्ष में लाखों साथियों के बलिदान से यह लाल झंडा और मजबूत हुआ है।

 

तीन मोर्चों पर संघर्ष का आह्वान

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज मजदूर वर्ग का संघर्ष तीन प्रमुख मोर्चों पर है:

1. साम्राज्यवादी आक्रामकता: युद्ध, महंगाई और लूट की नीतियाँ मजदूर की रोटी पर सीधा हमला हैं। 2. कॉरपोरेट-परस्त नीतियाँ: 4 लेबर कोड, ठेका प्रथा, निजीकरण, हायर एंड फायर की छूट, फैक्ट्री बंदी और छँटनी के नोटिस मजदूरों को बर्बाद कर रहे हैं। 3. विभाजनकारी और दमनकारी राजनीति: धर्म, जाति, भाषा के नाम पर मेहनतकशों की एकता तोड़ने की साजिश चल रही है।

अभियान के प्रमुख मुद्दे और मांगें

स्थापना दिवस के अवसर पर श्रमिकों के हक-अधिकारों की हिफाजत के लिए व्यापक अभियान चलाने की घोषणा की गई। अभियान के मुख्य मुद्दे निम्नलिखित हैं:

 

मुख्य नारे:

• ₹13,000 में दम नहीं, ₹26,000 से कम नहीं! • मजदूर एकता जिंदाबाद! इंकलाब जिंदाबाद!

हमारी प्रमुख मांगें:

1. पूरे NCR में एक समान न्यूनतम वेतन ₹26,000 लागू करो। 2. गिरफ्तार किए गए सभी निर्दोष मजदूरों को रिहा करो। 3. 8 घंटे के काम का अधिकार, ओवरटाइम के डबल रेट, बोनस, PF/ESI समेत तमाम कानूनी सुविधाएं रोजगारों में लागू करो। 4. महिला मजदूरों को बराबर मेहनताना, फैक्ट्री में सुरक्षा, साफ टॉयलेट और क्रेच/आंगनबाड़ी की सुविधा दो। 5. ठेका प्रथा, कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम और छँटनी बंद करो। परमानेंट रोजगार दो। 6. 4 लेबर कोड वापस लो।

तीन संकल्प

सभा में तीन संकल्प लिए गए:

1. कारखाने से लेकर संसद तक: हर मंच पर मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करेंगे। 2. एकता सबसे बड़ा हथियार: ठेका, परमानेंट, पुरुष, महिला, हर धर्म-जाति के मजदूर को एक झंडे तले लाएंगे। 3. नई पीढ़ी को जोड़ेंगे: युवा मजदूरों और गिग वर्कर्स को CITU से जोड़कर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।

कार्यक्रम में वक्ताओं के विचार

झंडा रोहण के बाद जिलाध्यक्ष कामरेड नरेंद्र पांडे, जिला महासचिव रामस्वारथ, सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला कमेटी सदस्य अरुण पटेल, भीखू प्रसाद, शंभू ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि “चेतना, विचारधारा और संगठन के बूते पूंजीवादी संकट को सामाजिक बदलाव के समर में बदल डालो”। आज लड़ाई फैक्ट्री गेट के साथ-साथ मोबाइल स्क्रीन पर भी लड़नी है। तकनीक को हथियार बनाकर हर जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी।

 

कार्यक्रम का समापन “CITU जिंदाबाद, मजदूर एकता जिंदाबाद, इंकलाब जिंदाबाद” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।

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