उत्तर प्रदेशग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा में कूड़ा जलाने पर बड़ी कार्रवाई, कंपनी पर 1.16 लाख रुपये का जुर्माना |

पुष्पेंद्र कुमार संपादक गौतम बुद्ध नगर यूपी

ग्रेटर नोएडा में खुले में कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। सेक्टर ईकोटेक-11 स्थित E-Garuda Electric Mobility कंपनी पर कूड़ा जलाने के मामले में 1 लाख 16 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित कंपनियों और संस्थानों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि सेक्टर ईकोटेक-11 स्थित कंपनी परिसर के पास खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

जांच के दौरान टीम ने पाया कि कंपनी परिसर के पास वास्तव में कूड़ा जलाया गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्राधिकरण ने E-Garuda Electric Mobility कंपनी पर 1.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही कंपनी प्रबंधन को भविष्य में दोबारा ऐसी लापरवाही न करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि यदि दोबारा इस तरह की गतिविधि सामने आई तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, खुले में कूड़ा जलाना पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ता है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को इससे ज्यादा खतरा रहता है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन नीति के तहत सभी बल्क वेस्ट जेनरेटरों, कंपनियों, संस्थानों और बड़े प्रतिष्ठानों को अपने यहां निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने नागरिकों और संस्थानों से अपील करते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने में सभी को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कूड़े को इधर-उधर फेंकने या जलाने के बजाय निर्धारित व्यवस्था के तहत उसका उचित प्रबंधन किया जाए, ताकि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखा जा सके।

प्राधिकरण की इस कार्रवाई को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और अधिक सख्ती बरती जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

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