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क्या भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन? कल PM मोदी ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, मिडिल ईस्ट संकट ने बढ़ाई टेंशन

Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

आज के ही दिन साल 2020 में कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा था और इत्तेफाक देखिए कि एक बार फिर आज ही सोशल मीडिया पर ‘लॉकडाउन’ ट्रेंड कर रहा है। इस बार वजह कोरोना नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग से बनी ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस है।

 

सोमवार को संसद में भी प्रधानमंत्री मोदी ने भी संकेत दिए कि हमें एकजुट और तैयार रहना होगा क्योंकि यह संकट लंबा खिंच सकता है। प्रधानमंत्री का इशारा साफ तौर पर मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध की तरफ था। पीएम मोदी के बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की चर्चा होने लगी है। काफी यूजर्स एक्स पर लॉकडाउन को लेकर पोस्ट कर रहे हैं।

 

सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की चर्चा

एक एक्स यूजर ने लिखा-RED ALERT! THE ENERGY LOCKDOWN ये तो होने वाला है? कहां आ गए हम?ईरान पीछे नहीं हट रहा, न अमेरिका! क्या लॉकडाउन जैसी स्थिति बन जाएगी?

 

कल होगी सर्वदलीय बैठक

केंद्र सरकार मिडिल ईस्ट में चल रही जंग से बनी इस स्थिति को हल्के में नहीं ले रही है। कल एक बेहद महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाई गई है। इस बैठक में विपक्षी दलों को ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस की गंभीरता के बारे में जानकारी दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो सरकार इस बैठक में ‘एनर्जी सेविंग’ के कुछ सख्त कदम उठाने पर सहमति बना सकती है। इसमें कुछ घंटों का ‘पावर कट’ या गैर-जरूरी सेवाओं के लिए तेल की खपत कम करने जैसे कड़े फैसले शामिल हो सकते हैं।

 

ईरान ने दी खुली धमकी

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत जारी है और 5 दिनों तक एनर्जी इंस्टॉलेशन पर हमला नहीं होगा, लेकिन ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया है। ईरान ने कहा कि ट्रंप के साथ कोई भी सकारात्मक बातचीत नहीं हुई है। अगर हमले बढ़ें, तो वो गुप्त हथियार का भी इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में अगर ईरान के गैस ठिकानों को नुकसान पहुंचता है, तो पूरी दुनिया में बिजली और ट्रांसपोर्ट का संकट खड़ा हो सकता है।

 

पीएम मोदी के संसद के बयान के बाद से लोगों के बीच ये सवाल है कि क्या सरकार तेल बचाने के लिए फिर से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) अनिवार्य कर सकती है? बता दें अगर ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें $130 के पार जाती हैं, तो सरकार के पास विदेशी मुद्रा बचाने का यही एक रास्ता बचेगा। कंपनियों को निर्देश दिए जा सकते हैं कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की इजाजत दें, ताकि सड़कों पर गाड़ियों का लोड कम हो और तेल की खपत में बड़ी कटौती की जा सके।

 

वहीं सर्वदलीय बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की। इसकी जानकारी देते हुए भारत में अमेरिकी राजदूत गोर ने सोशल मीडिया पर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की अभी बातचीत हुई। उन्होंने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का महत्व भी शामिल है।

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