उत्तर प्रदेशबदायूँ

सहसवान कोतवाली में तीन साल से अधिक समय से तैनात पुलिसकर्मियों की समीक्षा की मांग, एसएसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र

Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

बदायूं। सहसवान कोतवाली में लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। समाजवादी पार्टी से जुड़े सोनू यादव ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बदायूं को प्रार्थना पत्र देकर सहसवान कोतवाली में तीन वर्ष से अधिक समय से लगातार तैनात पुलिसकर्मियों की तैनाती अवधि की समीक्षा करने और नियमानुसार आवश्यक स्थानांतरण की कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि सहसवान कोतवाली में कई पुलिसकर्मी कथित तौर पर तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं। लंबे समय तक एक ही थाने में तैनाती को लेकर क्षेत्र की जनता, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा होने की बात भी प्रार्थना पत्र में कही गई है।

प्रार्थना पत्र में तर्क दिया गया है कि किसी पुलिसकर्मी की लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती होने से पुलिस व्यवस्था की निष्पक्षता, पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को लेकर आमजन के मन में सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में समय-समय पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की समीक्षा किया जाना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस विभाग की स्थानांतरण नीति का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन बनाए रखना, लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती की स्थिति की समीक्षा करना और किसी भी प्रकार के पक्षपात या प्रभाव की आशंका को दूर करना है। इसके साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और आमजन का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

प्रार्थना पत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि सहसवान कोतवाली में तैनात सभी पुलिसकर्मियों की तैनाती अवधि का रिकॉर्ड देखा जाए और जिन पुलिसकर्मियों की तैनाती निर्धारित अवधि से अधिक हो चुकी है, उनकी स्थिति की नियमानुसार समीक्षा की जाए। इसके बाद विभागीय नियमों और प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार स्थानांतरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस मांग के सामने आने के बाद अब निगाहें पुलिस विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि एसएसपी स्तर से सहसवान कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों की तैनाती अवधि की समीक्षा की जाती है, तो लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

हालांकि, प्रार्थना पत्र में लगाए गए बिंदुओं पर पुलिस विभाग की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय रिकॉर्ड की जांच के बाद पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है।

स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर उठने वाले सवालों के बीच यह मांग सामने आई है। अब देखना होगा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा शिकायत का संज्ञान लेते हुए सहसवान कोतवाली में लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों की तैनाती की समीक्षा और नियमानुसार स्थानांतरण को लेकर क्या कदम उठाया जाता है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!