NEWS SPEED LIVE // नोएडा को मिली इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों की सौगात सीएम योगी ने दिखाई हरी झंडी |
Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में हरित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र को इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन बसों की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 45 इलेक्ट्रिक बसों और 3 हाइड्रोजन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन मोबिलिटी और सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के विजन को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के हर शहर और गांव को पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक परिवहन सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लोगों को बेहतर, सुरक्षित, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त यात्रा सुविधा उपलब्ध हो सके।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जून से संचालन शुरू करने जा रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को विशेष रूप से तैयार किया गया है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी, जिसके लिए आधुनिक और सुगम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता थी। इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों के संचालन से एयरपोर्ट, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
औद्योगिक और आईटी हब के रूप में उभर रहा क्षेत्र

सीएम योगी ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र देश के प्रमुख आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और औद्योगिक केंद्रों के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में देश-विदेश की कंपनियां निवेश कर रही हैं और लाखों लोग रोजगार के लिए आ रहे हैं। ऐसे में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगी।
प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद

सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन आधारित परिवहन प्रणाली से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। डीजल और पेट्रोल आधारित वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन बसें पर्यावरण के लिए अधिक सुरक्षित हैं। इससे वायु प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी और लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बसों में आरामदायक सीटें, जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल सूचना प्रणाली और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा।
प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू होना ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार की यह पहल प्रदेश को भविष्य की परिवहन व्यवस्था के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में हरित परिवहन क्रांति का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में प्रदेश के अन्य शहरों में भी इस तरह की सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधाएं मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।




