प्राइवेट स्कूलो में फीस ड्रेस व किताबों के नाम पर हो रही लूट के सम्बन्ध में सिकायतपत्र एवं कार्यवाही न होने पर आंदोलन हेतु बाध्य होना के सम्बन्ध में
पुष्पेंद्र कुमार संपादक गौतम बुद्ध नगर यूपी
सविनय निवेदन यह है कि जनपद गाजियाबाद में प्राइवट स्कूलों में फीस—ड्रेस व किताबों के नाम पर जो लूट मचाई हुई है वो बहुत ही निंदनीय है किसान मजदूर अपने बच्चों को शिक्षा दे या फिर उन का पालन पोषण करे प्राइवेट स्कूलों के मालिक पूर्ण रूप से शिक्षा के माफिया बन चुके है किसी भी तरह की कोई पाबंदी स्कूल मालिको पर नहीं है जिसका प्रभाव आम जनता पर पड़ता है इस संबंध में पूर्व में भी कई बार अपनी बात अलग अलग माध्यम से अवगत कराने का प्रयास किया गया है स्तिथि ये है की एक नर्सरी क्लास के बच्चे की किताबे कम से कम दो हज़ार रुपए में मिल रही है उस के बाद उस को ड्रेस और स्कूल फीस स्कूल ने अपनी ही दुकानें निर्धारित की हुई है वहाँ से ही किताब मिलेगी वहाँ से ही ड्रेस मिलेगी यहाँ तक जी जूता भी अपनी निर्धारित की गई दुकान से ही ख़रीदना होगा पूर्ण रूप से आम जनता को लूटने का धंधा बनाया हुआ है आपसे निवेदन है कि आप इस प्रकरण पर जाच कराकर संज्ञान ले तथा उचित कार्यवाही करे स्कूल ड्रेस पर स्कूल का नाम नहीं होना चाहिए ताकि कोई कहीं से भी ड्रेस ले सके किताबों की एक लिस्ट हो और सभी दुकानों पर उपलब्ध हो जिस से कोई कहीं से भी किताबे ले सके जब दसवीं कक्षा का पेपर एक ही होता है तो किताब अलग अलग क्यों मासिक फीस पर भी विचार किया जाए यदि उपरोक्त विषय में कठोर व संतोषजनक कार्यवाही नहीं की जाती तो जनहित में हमे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी पूर्ण जिमेदारी प्रशासन की होगी आशा है कि आप इस गंभीर विषय को प्रथमिकता देते हुए त्वरित रूप कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे




