उत्तर प्रदेशग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा कालीबाड़ी में सजेगा शारदोत्सव 2026 का रंग बंगाल की संस्कृति और परंपराओं की दिखेगी अनूठी झलक

Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

ग्रेटर नोएडा। माँ आ रही है इसी भाव और श्रद्धा के साथ ग्रेटर नोएडा में दुर्गा पूजा के स्वागत की तैयारियाँ की जा रही हैं। ग्रेटर नोएडा शारदिया सांस्कृतिक समिति (रजि.) की ओर से ग्रेटर नोएडा कालीबाड़ी में 15 से 21 अक्टूबर 2026 तक शारदोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस उत्सव में माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला, संगीत और सामुदायिक सहभागिता की विशेष झलक देखने को मिलेगी।

 

बंगाली समाज के लिए दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भावनाओं, पारिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विशेष अवसर है। शरद ऋतु के आगमन के साथ ढाक की थाप, काशफूल की सुंदरता और माँ दुर्गा के स्वागत की तैयारियाँ उत्सव के माहौल को जीवंत बना देती हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समिति द्वारा शारदोत्सव को यादगार बनाने की तैयारियाँ की जा रही हैं।

 

माँ दुर्गा के श्रृंगार में दिखेगी कारीगरों की कला

 

शारदोत्सव का प्रमुख आकर्षण माँ दुर्गा की भव्य प्रतिमा, पारंपरिक पोशाक और आकर्षक श्रृंगार होगा। बंगाल के प्रसिद्ध कुम्हारटोली क्षेत्र में पीढ़ियों से मूर्तिकार मिट्टी से देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ तैयार करते आए हैं। वहीं, कुशल कारीगर माँ दुर्गा की पोशाक और आभूषणों को विशेष कलात्मकता के साथ सजाते हैं।

 

रेशमी और बनारसी कपड़ों, सुनहरी जरी, जरदोजी, मोतियों तथा अन्य सजावटी सामग्रियों से तैयार पोशाक माँ के दिव्य स्वरूप को विशेष आकर्षण प्रदान करती है। लाल, सफेद और सुनहरे रंग बंगाली परंपरा की खूबसूरती को दर्शाते हैं। प्रतिमा निर्माण से लेकर अंतिम श्रृंगार तक हर चरण में कारीगरों का हुनर और श्रद्धालुओं की आस्था दिखाई देती है।

 

विशाल सड़क अल्पना बनेगी आकर्षण का केंद्र

 

इस वर्ष आयोजन से जुड़ी विशेष गतिविधियों में ग्रेटर नोएडा कालीबाड़ी की ओर आने वाली सड़क पर पारंपरिक अल्पना बनाने की योजना भी शामिल है। बंगाल की लोककला अल्पना में कमल, धान की बालियाँ, पारंपरिक आकृतियों और ज्यामितीय डिजाइनों के माध्यम से शुभता और स्वागत का संदेश दिया जाता है।

 

इस सामुदायिक कला गतिविधि में महिलाओं, बच्चों, युवाओं और अन्य सदस्यों की भागीदारी प्रस्तावित है। लाल और सफेद रंगों से सजी अल्पना उत्सव की सुंदरता बढ़ाने के साथ बंगाल की पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी।

 

15 से 21 अक्टूबर तक होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम

 

आयोजन समिति के अनुसार, 15 अक्टूबर को महापंचमी से उत्सव की शुरुआत होगी। इस दौरान आनंदमेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को एक साथ आने का अवसर मिलेगा। 16 से 20 अक्टूबर तक षष्ठी से नवमी के अवसर पर पूजा-अनुष्ठान, पुष्पांजलि और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी। 21 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ उत्सव का समापन होगा।

 

इसके अतिरिक्त, 11 अक्टूबर को माँ के आगमन यानी आगमनी कार्यक्रम तथा अल्पना और अन्य सामुदायिक गतिविधियों का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन गतिविधियों के सटीक समय और भागीदारी संबंधी जानकारी आयोजन समिति से प्राप्त की जा सकती है।

 

शारदोत्सव के दौरान चित्रकला, आवृत्ति, प्रश्नोत्तरी, अंताक्षरी, म्यूजिकल चेयर, समूहगान, समूह नृत्य, नाटक और संगीत जैसी गतिविधियाँ भी उत्सव का हिस्सा बन सकती हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और सामूहिक रूप से त्योहार मनाने का अवसर देना है।

 

सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने की पहल

 

दुर्गा पूजा की विशेषता यह है कि इसमें समाज के हर वर्ग की भूमिका होती है। मूर्तिकार प्रतिमा बनाते हैं, कारीगर श्रृंगार तैयार करते हैं, कलाकार मंच सजाते हैं और बच्चे तथा युवा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। इस तरह यह उत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ कला, सहयोग और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन जाता है।

 

ग्रेटर नोएडा शारदिया सांस्कृतिक समिति का उद्देश्य बंगाली परंपराओं को संरक्षित करना, नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना है।

 

विजयादशमी के दिन माँ दुर्गा को विदाई देते समय भक्तों के मन में अगले वर्ष फिर उनके आगमन की उम्मीद रहती है। बंगाली परंपरा का भाव “मा আবার আসবেন” यानी “माँ फिर आएँगी” इसी विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को व्यक्त करता है।

 

समिति ने ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के श्रद्धालुओं, परिवारों तथा स्थानीय निवासियों को शारदोत्सव 2026 में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। यह आयोजन माँ दुर्गा की आराधना के साथ बंगाल की कला, संस्कृति और सामुदायिक एकता का उत्सव बनने की उम्मीद है।

आयोजन तिथि: 15 से 21 अक्टूबर 2026।

स्थान: ग्रेटर नोएडा कालीबाड़ी, प्लॉट एफ-1, सेक्टर पी-1 एवं पी-2, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश।

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