गौतमबुद्ध नगर: एडवोकेट देवेश मावी बने उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन के जोन चेयरमैन वकीलों में हर्ष का माहौल |
राहुल कुमार संपादक // ग्रेटर नोएडा यूपी
गौतमबुद्ध नगर बार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित तृतीय आम सभा और होली मिलन समारोह में सेक्टर-148 स्थित जीएसटी विभाग परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में संगठन के सांगठनिक विस्तार के तहत महत्वपूर्ण घोषणा की गई। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता देवेश मावी (नवादा) को ‘उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन’ का ‘जोन चेयरमैन’ नियुक्त किया गया।
सम्मान और उत्साह का संगम
प्रांतीय अध्यक्ष आर.पी. यादव जी द्वारा जब एडवोकेट देवेश मावी की नियुक्ति की घोषणा की गई, तो पूरा हॉल करतल ध्वनि से गूंज उठा। उपस्थित अधिवक्ताओं ने मावी को माला पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका जोरदार स्वागत किया। इस पद पर उनकी नियुक्ति को संगठन की मजबूती और स्थानीय अधिवक्ताओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
भव्य आयोजन और होली मिलन
होली मिलन समारोह के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक ओर जहाँ कानूनी बिरादरी की एकजुटता का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर रंगोत्सव की खुशियां भी बिखेरीं। कार्यक्रम का कुशल संचालन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज शर्मा और महासचिव प्रमोद कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में देवेश मावी को बधाई देते हुए कहा कि उनके अनुभव का लाभ निश्चित रूप से पूरे जोन के कर अधिवक्ताओं को मिलेगा।
कार्यक्रम में दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर जिले के तमाम वरिष्ठ और प्रबुद्ध अधिवक्ता मौजूद रहे, जिन्होंने नई जिम्मेदारी के लिए देवेश मावी को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
सीनियर अधिवक्ता पूर्णेदु शर्मा
अनुपम कुलश्रेष्ठ, रामेंद्र शर्मा, सुशील नागर
एस.पी. सिंह, सुनील अग्रवाल, विकल गुप्ता
शैलेश श्रीवास्तव, अशोक शर्मा, बृजेश शुक्ला नितिन कुमार
सहित भारी संख्या में अधिवक्ता साथी उपस्थित रहे।
संगठन को मिलेगी नई दिशा
मीडिया से बात करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एडवोकेट देवेश मावी लंबे समय से अधिवक्ताओं के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। जोन चेयरमैन के रूप में उनकी भूमिका अब कर अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण और प्रशासनिक स्तर पर उनकी बात को मजबूती से रखने में अहम साबित होगी। मावी ने भी अपने संबोधन में संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।




