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पांच मंजिला जर्जर इमारत बनी खतरे का सबब, हादसे के इंतजार में प्रशासन?

पुष्पेंद्र कुमार संपादक गौतम बुद्ध नगर यूपी

गौतम बुद्ध नगर।

ग्राम पृथला खंजरपुर, सेक्टर-122 में एक पांच मंजिला नवनिर्माणाधीन इमारत स्थानीय लोगों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इमारत बेहद जर्जर और कमजोर स्थिति में है और एक तरफ झुक चुकी है। इसके आसपास बने मकानों पर भी इसका असर पड़ने लगा है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस इमारत के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन को पूर्व में हुए बड़े हादसों का हवाला देते हुए मांग की है कि किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

 

शिकायत के अनुसार, प्राधिकरण द्वारा जांच के बाद इमारत को कमजोर बताते हुए उसे खाली करने का नोटिस भी जारी किया जा चुका है। वहीं, पुलिस की ओर से भी धारा 133 के तहत कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद आरोप है कि इमारत को अभी तक सील नहीं किया गया और न ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी हुई है।

 

बताया जा रहा है कि कई जांचों और शिकायतों के बाद इस इमारत को ध्वस्त करने के आदेश भी पारित हो चुके हैं। इसके बावजूद कार्रवाई में देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी और भय का माहौल है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक मामले की सुनवाई एडीसीपी स्वतंत्र देव सिंह, सेक्टर-6 स्तर पर हो रही है, लेकिन अभी तक तारीख पर तारीख का दौर जारी है।

 

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब इमारत को कमजोर और खतरनाक बताया जा चुका है, जांच हो चुकी है और ध्वस्तीकरण के आदेश भी बताए जा रहे हैं, तो आखिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है?

 

स्थानीय लोगों ने गौतम बुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेकर इमारत को सुरक्षित कराने, सील करने और आवश्यकतानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराने की मांग की है, ताकि किसी संभावित जनहानि को रोका जा सके।

 

लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन और जांच से बेहतर है कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करे, क्योंकि एक बार जान चली जाने के बाद किसी भी कार्रवाई से उस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती।

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