ग्रेटर नोएडा में आईएचजीएफ दिल्ली मेले के दूसरे दिन उमड़ी विदेशी खरीदारों की भीड़, भारतीय हस्तशिल्प की बढ़ी मांग
Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

ग्रेटर नोएडा, 14 अक्टूबर 2026। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 के दूसरे दिन विदेशी खरीदारों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से 13 से 17 अक्टूबर तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मेले में भारतीय हस्तशिल्प, होम डेकोर, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग और फर्नीचर उत्पादों ने विदेशी खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया। मेले में नए उत्पादों की तलाश के साथ-साथ व्यापारिक बातचीत और ऑर्डर फाइनल करने की गतिविधियां भी जारी रहीं।
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि मेले में विशेष रूप से यूरोप सहित विभिन्न देशों के खरीदारों की उत्साहजनक भागीदारी रही। प्रदर्शकों के स्टॉल पर पूरे दिन खरीदारों की आवाजाही बनी रही। उन्होंने कहा कि थीम आधारित उत्पाद प्रदर्शन और बेहतर सुविधाएं मेले को और आकर्षक बना रही हैं। वहीं, आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र में गुणवत्ता, डिजाइन, उत्पादन और तकनीक के स्तर पर हुए सुधारों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की बढ़ती पहचान का महत्वपूर्ण आधार बताया।
मेले के दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद सैयद जफर इस्लाम ने भी विभिन्न प्रदर्शनी हॉल का दौरा कर निर्यातकों से बातचीत की। इसके अलावा, ईपीसीएच और सोर्सिंग प्रोफेशनल्स एलायंस के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य निर्यातकों और सोर्सिंग विशेषज्ञों के बीच संपर्क बढ़ाना, बिजनेस नेटवर्किंग को मजबूत करना तथा भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों के लिए नए बाजार अवसर विकसित करना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सेमिनारों में भी उद्योग जगत की भागीदारी देखने को मिली। ‘ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027’ विषय पर विशेषज्ञों ने होम, लाइफस्टाइल, फैशन और इंटीरियर उत्पादों के बदलते बाजार रुझानों पर चर्चा की। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आयोजित सत्र में उत्पादन योजना, उत्पाद विकास, गुणवत्ता नियंत्रण और सप्लाई चेन प्रबंधन में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
जर्मनी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से आए खरीदारों ने भारतीय उत्पादों की विविधता, कारीगरी, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी कीमतों की सराहना की। कई खरीदारों ने भविष्य में भी मेले में भाग लेने और भारतीय निर्माताओं के साथ सोर्सिंग संबंध मजबूत करने की इच्छा जताई।
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता और स्वागत समिति के अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने मेले को भारतीय कारीगरों, निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार के बीच महत्वपूर्ण मंच बताया। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत से हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,168 करोड़ रुपये (3,754 मिलियन डॉलर) रहा। मेले के आगामी दिनों में भी खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच व्यावसायिक संपर्क तथा नए व्यापारिक अवसर बढ़ने की उम्मी
द है।




