उत्तर प्रदेशग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा में श्रीराम ने किया अहिल्या उद्धार, विजय महोत्सव की रामलीला में जीवंत हुआ प्रभु श्रीराम के आदर्शों का प्रसंग

Rahul Kumar Chief Editor News Speed Live

साइट-4 में विजय महोत्सव के तीसरे दिन हुआ भव्य लीला मंचन, जनकपुरी प्रस्थान से लेकर श्रीराम और माता सीता की प्रथम मुलाकात तक के दृश्यों ने मोहा दर्शकों का मन

ग्रेटर नोएडा, 14 अक्टूबर 2026। ग्रेटर नोएडा के साइट-4 में श्री रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा द्वारा आयोजित विजय महोत्सव में प्रतिदिन भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का भव्य मंचन किया जा रहा है। विजय महोत्सव के तीसरे दिन रामलीला का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। इस दौरान भगवान श्रीराम द्वारा माता अहिल्या का उद्धार, गुरु विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण का जनकपुरी प्रस्थान तथा वाटिका में भगवान श्रीराम और माता सीता की प्रथम मुलाकात जैसे सुंदर प्रसंगों का मंचन किया गया।

रामलीला के मंचन के माध्यम से कलाकारों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। लीला देखने पहुंचे दर्शकों ने विभिन्न प्रसंगों का आनंद लिया और धार्मिक वातावरण में प्रभु श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को देखा।

भगवान श्रीराम ने किया माता अहिल्या का उद्धार

रामलीला के दौरान दिखाया गया कि भगवान श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ आगे बढ़ते हुए उनके आश्रम पहुंचते हैं। आश्रम में मौजूद ऋषि-मुनियों की पीड़ा और समस्याओं को सुनने के बाद गुरु विश्वामित्र दोनों भाइयों को धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

इसी दौरान राजा जनक का दूत आश्रम में पहुंचता है और गुरु विश्वामित्र को जनकपुरी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का निमंत्रण देता है। निमंत्रण मिलने के बाद गुरु विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरी के लिए प्रस्थान करते हैं।

मार्ग में भगवान श्रीराम गौतम ऋषि की पत्नी माता अहिल्या का उद्धार करते हैं। रामलीला में इस प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम के चरण-स्पर्श से माता अहिल्या को मुक्ति प्राप्त हुई। यह प्रसंग दर्शाता है कि प्रभु श्रीराम करुणा, दया और उद्धार के प्रतीक हैं। इस दृश्य ने रामलीला में उपस्थित दर्शकों को धार्मिक आस्था और भक्ति से जोड़ दिया।

जनकपुरी पहुंचे श्रीराम और लक्ष्मण

माता अहिल्या के उद्धार के बाद गुरु विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरी पहुंचते हैं। वहां राजा जनक के विश्राम गृह में दोनों भाइयों का आगमन होता है। राजा जनक गुरु विश्वामित्र से मुलाकात करते हैं और उनका आदर-सत्कार करते हैं।

इसके बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र से आज्ञा लेकर जनकपुरी के बाजार में घूमने के लिए जाते हैं। दोनों भाई जनकपुरी के सुंदर बाजार और वहां की रौनक का आनंद लेते हैं। रामलीला में जनकपुरी की सुंदरता और उस समय के वातावरण को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

वाटिका में हुई श्रीराम और माता सीता की प्रथम मुलाकात

रामलीला का एक विशेष आकर्षण वह प्रसंग रहा, जिसमें भगवान श्रीराम और माता सीता की पहली मुलाकात दिखाई गई। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम और लक्ष्मण संध्या पूजन के लिए पुष्प लेने वाटिका में पहुंचते हैं। इसी दौरान माता सीता भी अपनी सखियों के साथ गौरी पूजन के लिए वाटिका में आती हैं।

वाटिका में भगवान श्रीराम और माता सीता का आमना-सामना होता है। इस सुंदर प्रसंग को कलाकारों ने भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। इसके बाद माता सीता गौरी माता की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।

इस प्रसंग के माध्यम से रामलीला में भक्ति, संस्कार और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। दर्शकों के लिए यह दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

श्रीराम के चरित्र को जीवन में अपनाने का संदेश

श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह ने बताया कि विजय महोत्सव का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों और उनके जीवन से जुड़ी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को भगवान श्रीराम के चरित्र से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में मर्यादा, सत्य, सेवा और कर्तव्य को महत्व देना चाहिए। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को रामलीला जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

15 अक्टूबर को होगा धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर का भव्य मंचन

कमेटी के महासचिव विजेन्द्र सिंह आर्य ने बताया कि विजय महोत्सव के अंतर्गत रामलीला का मंचन निरंतर जारी है। वहीं, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के जनकपुरी पहुंचने से जुड़े प्रसंगों का मंचन दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 अक्टूबर को रामलीला में कई महत्वपूर्ण और भव्य प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इनमें धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, जनकपुरी में बारात का स्वागत, भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के विवाह तथा विदाई समारोह सहित अन्य प्रसंग शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इन सभी प्रसंगों को भव्य रूप में प्रस्तुत करने के लिए तैयारियां की गई हैं, जिससे दर्शकों को रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।

50 फीट के धनुष को 55 फीट की ऊंचाई पर खंडित करने का होगा दृश्य

श्री रामलीला कमेटी के मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि 15 अक्टूबर की लीला में धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर विशेष आकर्षण रहेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि आयोजन में 50 फीट के विशाल धनुष को 55 फीट की ऊंचाई पर खंडित करने का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा।

उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे अपने परिवार के साथ साइट-4 स्थित रामलीला स्थल पर पहुंचकर भगवान श्रीराम की लीलाओं का आनंद लें और इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनें।

कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य रहे उपस्थित

विजय महोत्सव के तीसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह, धर्मपाल प्रधान, महासचिव विजेन्द्र सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल, मीडिया प्रभारी विनोद कसाना सहित हरेंद्र भाटी, ओमप्रकाश अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, के.के. शर्मा, मुकुल गोयल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, कमल सिंह आर्य, सुनील प्रधान, श्यामवीर भाटी, सुभाष चंदेल, अजय चेची, रामपुर मनोज यादव, अनुज उपाध्याय, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, अतुल जैन, मोनू अग्रवाल, विकास, रिंकू, दीपक, राहुल नंबरदार सहित कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

श्री रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा की ओर से नगरवासियों से अपील की गई कि वे विजय महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, सद्भाव और मर्यादा की भावना को मजबूत करें।

 

रिपोर्ट: न्यूज़ स्पीड लाइव

स्थान: ग्रेटर नोएडा, साइट-4

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!