डॉक्टर रेखा ने कहा आज धर्मांतरण केवल आस्था का विषय नहीं रहा यह हमारी संस्कृति पहचान और भविष्य पर आघात है।
पुष्पेंद्र कुमार संपादक // गौतम बुद्ध नगर यूपी

लालच, भय, झूठे वादों और मानसिक दबाव के माध्यम से
कमजोर वर्गों—विशेषकर महिलाओं—को निशाना बनाया जाता है।
एक जागरूक महिला अपने धर्म, संस्कार और परंपराओं को समझती है और किसी भी बहकावे में नहीं आती।
हमें अपनी बेटियों को यह सिखाना होगा कि
धर्म विरासत होता है, सौदा
महिला सुरक्षा केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं,
यह हमारी सजगता और साहस से जुड़ी है।
छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न—
इन पर चुप रहना अपराध को बढ़ावा देना है।
आज जरूरत है कि
महिलाएँ अपने अधिकारों को जानें,
गलत के खिलाफ आवाज उठाएँ
और एक-दूसरे का सहारा बनें।
याद रखिए—
डरी हुई नारी नहीं, जागरूक नारी सुरक्षित रहती है।
आज अपराध केवल सड़कों पर नहीं,
मोबाइल और इंटरनेट पर भी हो रहे हैं।
फर्जी प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग, ऑनलाइन ठगी,
और सोशल मीडिया पर शोषण—
महिलाओं को विशेष रूप से निशाना बनाते हैं।




