61 वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला स्प्रिंग 2026 -14 से 18 फरवरी 2026 इंडिया एक्सपो सेंटर ग्रेटर नोएडा |
राहुल कुमार संपादक // ग्रेटर नोएडा यूपी

आईएचजीएफ स्प्रिंग 2026 में दुनिया के सामने होगा भारत के हस्तनिर्मित उत्पादों का शानदार प्रदर्शन और शुरू होगा सोर्सिंग का एक जोरदार सीजन
विभिन्न बाजारों की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया गया विशाल और बेहद व्यापक प्रोडक्ट रेंज 109 देशों से आ रहे खरीदार 17 हॉल और 900 स्थायी शोरूम में 3000 से अधिक प्रदर्शकों से जुड़ेंगे
फर्नीचर पर फोकस, नए ट्रेंड्स की जानकारी, युवा डिजाइनरों के नए आइडिया और क्षेत्रीय कारीगरों के हाथ से बने बेहतरीन उत्पाद, खास हैंडलूम, हस्तशिल्प के माहिरों की भागीदारी, नॉलेज सेशंस और बहुत कुछ, जो खरीदारी के अनुभव को बेहतरीन बनाएंगे
दिल्ली/एनसीआर 13 फरवरी 2026 वसंत की आहट के साथ कारोबार की रफ्तार भी तेज होने जा रही है। इसी उमंग और नए अवसरों के साथ 61वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला- स्प्रिंग 2026, 14 से 18 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के तत्वाधान में यह भव्य आयोजन ग्रेटर नोएडा के अत्याधुनिक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होगा, जहां दुनिया भर के खरीदारों और कारीगरों का संगम देखने को मिलेगा।
नए डिजाइन आइडियाज और नए अनोखे उत्पादों के साथ यह मेला अलग-अलग लाइफस्टाइल और रहने के माहौल के हिसाब से तैयार की गई समृद्ध और विविध प्रोडक्ट रेंज पेश करता है। साथ ही यह सस्टेनेबल लिविंग को बढ़ावा देने वाले मौकों को भी सामने लाता है। यह मेला लगातार प्रदर्शकों, खरीदारों और हस्तशिल्प उद्योग से जुड़े लोगों की बदलती उम्मीदों के साथ खुद को ढालता रहा है और एक प्रोग्रेसिव, फ्यूचर रेडी ट्रेड प्लेटफॉर्म के तौर पर अपनी पहचान मजबूत कर चुका है। होम, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग, फर्नीचर और इंटीरियर इसके मुख्य सेगमेंट हैं। यह एडिशन 17 हॉल में फैला हुआ है, जहां 16 प्रमुख डिस्प्ले डिवीजन होंगे। इनमें होम डेकोर ऐंड एक्सेंट्स, होम फर्निशिंग, कारपेट्स ऐंड रग्स, टेक्सटाइल्स ऐंड लिनेन, गिफ्ट्स ऐंड प्रीमियम्स, इंटीरियर्स, फर्नीचर, फैशन ज्वेलरी. बैग्स ऐंड एक्सेसरीज, लैम्प्स ऐंड लाइटिंग एक्सेसरीज, आउटडोर ऐंड गार्डन, अरोमा, स्पा ऐंड लाइफस्टाइल, क्रिसमस ऐंड फेस्टिव डेकोर, किचन ऐंड डिनरवेयर, बाथरूम एक्सेसरीज, बेंत, बांस, पेपर ऐंड इको फ्रेंडली उत्पाद, किड्स ऐंड बेबीज टॉयज ऐंड एक्सेसरीज शामिल हैं।
मेले के समय को लेकर ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग समुदाय भारत की तरफ उम्मीदों से देख रहा है, ऐसे में हमने इसे सही समय पर शेड्यूल किया है। दुनिया के हालात में बड़े बदलावों के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नई संभावनाएं दिख रही हैं। पिछले साल हुआ ऐतिहासिक भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बेहतर मार्केट एक्सेस और बराबरी के ट्रेड अवसरों का रास्ता खोल चुका है। जनवरी 2026 में साइन हुआ भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दुनिया के सबसे क्वालिटी कॉन्शियस बाजारों में से एक के साथ भारत के ट्रेड फ्रेमवर्क को और मजबूत करता है और यह एक्सपोर्ट के लिहाज से एक अहम मोड है। जीरो ड्यूटी एक्सेस के साथ यह यूरोप के बाजारों में हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए बड़े मौके खोलता है। हम यूरोपीय संघ के बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इन देशों से एक मजबूत खरीदार के लिए इस मेले में उनकी भागीदारी की उम्मीद करते हैं।”
उन्होंने कहा, “आईएचजीएफ दिल्ली मेले- स्प्रिंग 2026 में इस बार फर्नीचर पर खास फोकस किया गया है, जहां 350 से ज्यादा उत्पादक 4 हॉल में फैले 10,000 वर्ग मीटर के खास डिस्प्ले एरिया में हिस्सा ले रहे हैं। यह खास शोकेस निर्यात के लिए तैयार फर्नीचर और उससे जुड़े होम कैटेगरी प्रोडक्ट्स की पूरी रेंज को एक जगह लाता है। इससे ग्लोबल खरीदार डिजाइन, मटीरियल और कारीगरी की गहराई को समझ सकते हैं और एक ही प्लेटफॉर्म पर बेहतर सोर्सिंग बातचीत और बिजनेस डील्स कर सकते हैं।
डॉ. खन्ना ने यह भी जोड़ा कि यह पहली बार है जब 61 वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला स्प्रिंग 2026 एक ‘पूर्वावलोकन’ यानी प्रीव्यू पेश करेगा। पूर्वावलोकन मेले के एक शाम का प्रोग्राम होता है, जो आधिकारिक उद्घाटन से एक दिन पहले रखा जाता है। इसमें चीफ गेस्ट और प्रमुख लोग पहले ही स्टॉल्स देखते हैं, उत्पादकों से मिलते हैं और खरीदारों के आने से पहले निर्वात के लिए तैयार कलेक्शंस देख लेते हैं। चीफ गेस्ट की मौजूदगी और उनके प्रोत्साहन भरे शब्द हमारे कारीगरों, निर्यातकों और उत्पादकों का हौसला बढ़ाएंगे और आईएचजीएफ को ‘इंडिया हैंडमेड’ के लिए एक भविष्य के लिए तैयार ग्लोबल सोर्सिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर और मजबूत करेंगे।
डॉ. खन्ना ने बताया कि “ईपीसीएच की यूरोप-फोकस्ड मार्केट डेवलपमेंट स्ट्रैटेजी के हिस्से के तौर पर, हाल ही में एक डेलीगेशन ने एम्स्टर्डम (नीदरलैंड्स), बर्मिंघम (यूके) और फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) का दौरा किया। इसका मकसद जमीनी स्तर पर संभावनाओं को तलाशना, खरीदारों के साथ जुड़ाव को मजबूत करना और लगातार मार्केट एक्सेस के लिए नए चैनल देखना था।”
उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि यह पहल ट्रेड फेयर में हिस्सा लेने को और बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसके लिए वेयरहाउसिंग, फुलफिलमेंट और जस्ट-इन-टाइम डिलीवरी मॉडल को आसान बनाया गया है, जिससे यूरोपियन खरीदारों तक तेजी से और बेहतर तरीके से पहुँच हो सके। एक्सपोर्टर्स के बीच ज़्यादा जागरूकता पैदा करने के लिए, 16 फरवरी को शाम 6:00 बजे फेयर वेन्यू पर एक इंटरैक्टिव सेशन रखा जा रहा है, जिससे ज्यादा से ज़्यादा एक्सपोर्टर्स को विदेशी मार्केट में इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग-कम-शोरूम सुविधाओं के ज़रिए एक्सपोर्ट करने के इस नए मॉडल को आजमाने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा।
मेले में आने वाले विजिटर्स को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताते हुए ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा, “भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य और उसके बाद हुआ अंतरिम समझौता भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम है। इससे अमेरिका के बाजार में टैरिफ दबाव कम होगा और प्राइस कॉम्पिटिटिवनेस (मूल्य प्रतिस्पर्धात्मकता) बढ़ेगी। इससे मांग को फिर से गति मिलने, बाजार तक पहुंच बेहतर होने और खास तौर पर एमएसएमई और आर्टिजन आधारित कारोबारों के लिए निर्यात के नए मौके बनने की उम्मीद है। ज्यादा टैरिफ स्थिरता और आर्टिजनल व होम डेकोर प्रोडक्ट्स की पहचान से खरीदारों का भरोसा मजबूत होगा, निर्यातकों की भागीदारी बढ़ेगी और ग्लोबल हस्तशिल्प व्यापार में भारत की स्थिति और मजबूत होगी. इससे आईएचजीएफ दिल्ली मेला स्प्रिंग 2026 से पहले सकारात्मक माहौल बनेगा।”
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने कहा, “हमारी हालिया विदेशी भागीदारी और आईएचजीएफ दिल्ली मेला के खरीदार आउटरीच प्रोग्राम, जिनमें वन-टू-वन मीटिंग्स और यूके, जर्मनी और फ्रांस के बड़े शोज में प्रमोशनल एक्टिविटीज शामिल हैं, ये अंतरराष्ट्रीय खरीद समुदाय को काफी पसंद आए हैं। कई खरीदारों ने आईएचजीएफ दिल्ली मेला स्प्रिंग 2026 में आने की पुष्टि की है। हमने देखा है कि यूरोपीय खरीदार तेजी से असलीपन, सस्टेनेबिलिटी, डिजाइन की गहराई और मजबूत कहानियों की तलाश कर रहे हैं, और ये वो क्षेत्र हैं जहां इंडिया हैंडमेड सबसे आगे है। वैश्विक डिजाइन मंच पर दिख रहा उत्साह और बेहतर व्यापारिक ढांचे का सपोर्ट, मजबूत साझेदारी, ज्यादा वैल्यू वाले ऑर्डर और भारतीय हस्तशिल्पों की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा।”
आईएचजीएफ दिल्ली मेला स्प्रिंग 2026 की संरचना के बारे में बताते हुए ईपीसीएच के मुख्य संयोजक श्री अवधेश अग्रवाल ने कहा, “इस संस्करण में फर्नीचर पर खास ध्यान दिया गया है, जो होम और लाइफस्टाइल बाजारों में इसकी बढ़ती वैश्विक मांग को दिखाता है। भारत के बड़े केंद्रों और उभरते इलाकों से उत्पादकों को चार आपस में जुड़े हॉल में एक साथ लाकर यह शोकेस पर्यावरण के अनुकूल मटीरियल, नए डिजाइन और नए बिजनेस आइडियाज को सामने लाता है। इससे भारत की अलग-अलग फर्नीचर परंपराओं, मटीरियल्स और आधुनिक अभिव्यक्तियां एक ही गंतव्य पर हासिल हो जाती हैं।”
आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026 की स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री मोहित चोपड़ा ने कहा, “एक बेहतरीन सोर्सिंग और नेटवर्किंग अनुभव देने के मकसद से तैयार किए गए इस संस्करण में कई खास बातें हैं। इनमें बड़े मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स से डेको-यूटिलिटी और फर्निशिंग कलेक्शंस, नए एवं अनोखे उत्पादों का मजबूत प्रदर्शन और उभरते स्टार्ट-अप्स की नई पेशकश शामिल है। आगंतुकों के लिए एक समृद्ध और दिलचस्प सोर्सिंग अनुभव तैयार है। यहां रीजनल डिस्प्ले भी होंगे, जैसे बिहार के शिल्प की थीम पर आधारित प्रस्तुति और छत्तीसगढ़ से कारीगरों की भागीदारी।
आईएचजीएफ दिल्ली मेला स्प्रिंग 2026 की स्वागत समिति के उपाध्यक्ष श्री गौतम नथानी ने कहा, “मेले में एक ट्रेंड बूथ भी होगा और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से चुनिंदा हैंडलूम बुनकरों की खास तौर पर चुनी गई कलेक्शंस भी दिखाई जाएंगी, जिन्हें हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय ने भेजा है। साथ ही हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय की तरफ से चुने गए पूरे भारत से हस्तशिल्प डिजाइनर और शिल्प उद्यमी भी इस मेले में शामिल होंगे. इसके अलावा यंग डिजाइनर्स कलेक्टिव ऐसे डिजाइनर्स को एक मंच पर लाता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत पहचान बनाई है और जिनकी शुरुआती पढ़ाई एनआईडी अहमदाबाद, निफ्ट, पर्ल अकादमी, रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट लंदन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में हुई है।
आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026 की स्वागत समिति के उपाध्यक्ष श्री आनंद जालान ने कहा, “ईपीसीएच मेले के दौरान लगातार रोचक और जानकारीपूर्ण सेशंस आयोजित करता रहता है। उन्होंने बताया कि मेले में सस्टेनेब्लिटी- ट्रेंड से कहीं अधिक; हालिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के लाभः मार्केट डाइवर्सिफिकेशन – उभरते डेस्टिनेशन और ट्रेंड ड्राइवर्स, डिजाइन फ्यूचर्स- 2027; खरीदार क्या चाहते हैं- प्रोडक्ट प्रेजेंटेशन, कम्युनिकेशन और कंप्लायंस
एक्सपोर्ट में डिजिटल एडवरटाइजिंग और जस्ट-इन-टाइम मॉडल में एक्सपो डिजिटल जैसे विषयों पर सेमिनार और जागरूकता सत्र का भी आयोजन होगा. इसके साथ ही शिल्प की लाइव प्रस्तुति और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।”
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने कहा, “आईएचजीएफ दिल्ली मेला- स्प्रिंग 2026 को दुनिया भर में पहचान दिलाने के लिए परिषद ने विदेश के प्रमुख बाजारों में प्रतिनिधित्व के जरिए बड़ा इंटरनेशनल प्रमोशन और पब्लिसिटी कैंपेन चलाया है। इसमें इंटरनेशनल मैगजीन्स और उनके डिजिटल एडिशन में डिजिटल विज्ञापन, ऑनलाइन पोर्टल्स, वेब बैनर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय दूतावासों ने अपने-अपने देशों में खरीदारों और आयातकों को न्योता भेजा है. मेले को डिजिटल पब्लिकेशंस और सोशल मीडिया चैनलों पर भी अच्छी कवरेज मिली है। विजिटर प्रोफाइल में दुनिया भर से आने वाले विदेशी खरीदार शामिल हैं, जिनमें होलसेलर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स, चेन और डिपार्टमेंटल स्टोर्स, रिटेलर्स, मेल-ऑर्डर कंपनियां, ब्रांड ओनर्स, बाइंग हाउसेज, डिजाइनर्स और ट्रेंड फोरकास्टर्स के साथ-साथ खरीद प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में घरेलू खरीदार भी शामिल हैं।”
उन्होंने बताया कि मेले में 109 से ज्यादा देशों से विदेशी खरीदारों के आने की उम्मीद है. इनमें अल्जीरिया, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, अजरबैजान, बहरीन, बांग्लादेश, बेलारूस, बेल्जियम, ब्राजील, कंबोडिया, कनाडा, चिली, चीन, कोलंबिया, साइप्रस, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, इक्वाडोर, मिस्र, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हांगकांग, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, आयरलैंड, इजराइल, इटली, जापान, कोरिया, किर्गिस्तान, लेबनान, मलेशिया, मॉरीशस, मैक्सिको, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, ओमान, पनामा, पैराग्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, कतर, रूस, सऊदी अरब, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, थाईलैंड, तुर्की, यूक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स, उरुग्वे, उज्बेकिस्तान, वेनेजुएला, वियतनाम समेत कई अन्य देश शामिल हैं।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि इसके अलावा, कंपनियों/डिपार्टमेंटल स्टोर के प्रतिनिधि जिन्होंने पहले ही शो में अपनी यात्रा की पुष्टि कर दी है, उनमें शामिल हैं इकोसों एसआरएल, अर्जेंटीना; आर्म्स ऑफ ईव, एलीट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, ऑस्ट्रेलिया; ईएयू बैग्स, ऑस्ट्रिया; ली एंड लुईस, बेल्जियम; कायू होम, ब्राजील; बेकन बास्केटवेयर लिमिटेड, कनाडा, रूबेन्स डेकोरेशन, फ्रांस, टेडी जीएमबीएच एंड कंपनी केजी, रॉसमैन जीएमबीएच, जर्मनी; सेंट्रल फोर्स होल्डिंग्स (एचके) लिमिटेड, हांगकांग; लैंडो रिनाल्डिनी ट्रेडिंग कंपनी एसआरएल, इटली; हागीहारा एंड कंपनी लिमिटेड, जापानः अल्टरनेटिवो, मैक्सिकोः क्लेग फर्निशर्स लिमिटेड, न्यूजीलैंड; फर्नोरा एलएलसी, रूस, क्रस्सेर अलसरया कंपनी, सऊदी अरब, विकल होम, स्पेन, टेबल लव एबी, स्वीडनः बियॉन्ड टेक्सटाइल्स, स्विट्जरलैंड, ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि कलालौ, इंक, ओकस्ट्रीट होलसेल इंक., नोबल हाउस, इंक. हॉकिन्स न्यूयॉर्क, ग्रेसियस गिफ्ट कंपनी, यूएसए समेत कई अन्य ने पहले ही शो में आने की पुष्टि कर दी है।
श्री राजेश रावत ने बताया कि भारत में तेजी से बदल रहा रिटेल माहौल, नई बाइंग ट्रेंड्स और इंटरनेशनल डिजाइन व प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए आईएचजीएफ दिल्ली मेला लगातार बाइंग और सोर्सिंग कंसल्टेंट्स के साथ-साथ बड़े भारतीय रिटेल और ऑनलाइन ब्रांड्स तथा घरेलू वॉल्यूम मांगे की मेजबानी कर रहा है. उन्होंने बताया कि आर्ची’ज, आदित्य बिड़ला फैशन, अमेजन, बोरोसिल, चुंबक डिजाइन, डीएलएफ ब्रांड्स प्राइवेट लिमिटेड, इरोस होटल, फर्स एन पेटल्स प्राइवेट लिमिटेड, फैब इंडिया, फ्लिपकार्ट, गोदरेज एंड बॉयस, हिल्टन ग्रुप, होम सेंटर, लुलु इंडिया, मिनिसो, न्यूमेरो ऊनो क्लोदिग लिमिटेड, रिलायंस रिटेल, शॉपर्स स्टॉप, स्पेंसर्स रिटेल लिमिटेड, ताज होटल्स, द बॉम्बे स्वदेशी स्टोर्स, वेस्टसाइड, वेल्सपुन और कई ऐसे अन्य ब्रांड्स हैं जिन्होंने आईएचजीएफ स्प्रिंग 2026 में आने की पुष्टि पहले ही कर दी है।
उन्होंने बताया कि एक्सएक्सएक्सलुट्न केजी, ऑस्ट्रिया; वूली ऐंड कंपनी, डेनमार्क; मैसन डु मॉन्डे, एडेलविस ग्रुप, फ्रांस; स्काइपोर्ट जीएमबीएच, जर्मनी, कोवा कंपनी लिमिटेड, जापान, ओवीएस सोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड, इटली; एल प्यूयेरटो डी लिवरपुल, मेक्सिको; लैंडमार्क ग्रुप, यूएई; अटलांटिक यूके आर्किटेक्बरल हार्डवेयर, यूनाइटेड किंगडम; क्रेन्स यूएसए, द टीजेएक्स कंपनीज, यूएसए, जैसे बड़े स्टोर्स को रिप्रेजेंट करने वाले बाइंग कंसल्टेंट्स ने शो में आने की पुष्टि की है।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) देश से हस्तशिल्पों के निर्यात को बढ़ावा देने वाली नोडल संस्था है और यह देश के अलग-अलग शिल्प क्लस्टर्स में होम, लाइफस्टाइल, फर्नीचर और फैशन ज्वेलरी व एक्सेसरीज के उत्पादों को बनाने वाले लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर की ब्रांड छवि बनाती है. ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि साल 2024-25 में हस्तशिल्पों का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा




